इंग्लिश
बोलना कोई बड़ी बात नहीं है। अमरीका में झाड़ूवाला भी इंग्लिश बोलता है, क्योंकि वह उसकी मातृभाषा है।
विदेश में
होना कोई बड़ी बात नहीं है। अमरीका में जन्मा कुत्ता भी वहीं पर रहता है। भारत
विकसित देश होता तो विदेशी भी बड़े गर्व से कहते कि “मेरा बेटा भारत में है।”
Language is never a
tool to measure intelligence. But sadly in India, those who speak English are
considered as scholars & those who speak in their mother tongue are often
disrespected.
इनसान एक दुकान है और ज़ुबान उसका ताला। ताला खुलता है तब
मालूम होता है कि दुकान सोने की है या कोयले की।
मूर्खों से तर्क मत कीजिए क्योंकि पहले वह आपको अपने
स्तर पर लाएँगे और फिर अपने अनुभवों से आपकी फ़ज़ीहत कर देंगे।
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