1) Many people hate me
only because I don’t support their every stupid, nonsense plans &
programmes. If I start supporting them & going everywhere with them &
praise them, they will start giving me respect more than anyone.
2) Nobody can hurt me without my permission. - Mahatma Gandhi.
3) मेरे
दुश्मनो, एक बात कान खोलकर सुनना, हमारी दोस्ती अंबुजा सीमेंट से भी मज़बूत है।
छोटी-मोटी गलतफ़हमियों से नहीं टूटने वाली। स्वरचित कहानियाँ गढ़कर दोस्ती में दरार
डालने की कोशिश भी मत करना। एक तो कोशिश नाकाम होगी और दूसरा तुम्हारी 206
हड्डियों के मुझे 412 टुकड़े करना भी आता है यह मत भूलना। 1) मेरे
दुश्मनो, एक बात कान खोलकर सुनना, हमारी दोस्ती अंबुजा सीमेंट से भी मज़बूत है।
छोटी-मोटी गलतफ़हमियों से नहीं टूटने वाली। स्वरचित कहानियाँ गढ़कर दोस्ती में दरार
डालने की कोशिश भी मत करना। एक तो कोशिश नाकाम होगी और दूसरा तुम्हारी 206
हड्डियों के मुझे 412 टुकड़े करना भी आता है यह मत भूलना।
4) मेरी
उपलब्धियों से तुम्हें अगर ख़ुशी होती है, उसे मैं कभी भी कम होने नहीं दूँगा।
5) Don’t be a blind
follower of anyone. At least you must have your own opinions.
6) Many people get awards easily only because they know the right bread, on which they apply butter.
1 7) Dear enemies, just
think or do something bad to me. No, I will not take any revenge. But, god
will. Every time this has turned true.
8) मुझसे नफ़रत तभी करना जब मेरे बारे में सब कुछ जानते हो, तब नहीं जब किसी से कुछ सुना हो।
9) किसी तरह भी मर्यादा में जो तुमसे बड़े हैं, वे
तुम्हारे साथ समानता का व्यवहार करते हैं, तो उसे उनकी कृपा
समझो, अपना अधिकार नहीं! – कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर
10) Some people do wrong things confidently. Then why to hesitate in doing right things fearlessly?
11) Life becomes easier
when you delete negative people from it.
12) If you are sad or if you are happy, remember only one thing – यह दिन भी गुज़रेंगे!
12) If you are sad or if you are happy, remember only one thing – यह दिन भी गुज़रेंगे!
13) किसी इनसान की
ख़ूबियों पर तो सब ख़मोश रहते हैं। चर्चा अगर उसकी बुराई पर हो, तो
गूँगे भी बोल पड़ते हैं!
14) I know very well
who are with me & which group of people is against me. Who are involved in
planned comments on my statuses by making a group against me. Don’t try to be smart
with me.
15) कुछ लोग सिर्फ़
दूसरों को बदनाम करके ख़ुद फ़ेमस होना चाहते हैं।
16) लोग हमारे बारे में
क्या सोचेंगे यह भी अगर हम ही सोचने लगेंगे तो लोग क्या सोचेंगे?
17) मेरे सफलता के मार्ग
में बाधक बनने वालों को मैं उखाड़कर फेंकने में कोई देर नहीं करता।
18) अच्छा काम करते समय
डरने की क्या ज़रूरत? यहाँ आतंकवादी बुरा काम करने से नहीं डरते।
चोर, ख़ूनी, आरोपी तो आराम से सरेआम बेफ़िक्र
होकर घूमते हैं, तो हम जीवन में क्यों डरें?
19) Don’t stress yourself with useless
people who don’t even deserve to be an issue in your life.
20) People will notice the change in your
attitude towards them. But won’t notice their behaviour that made you change.
21) यदि सच तुम्हारे साथ
है, तो
कोई और तुम्हारे साथ है या नहीं, इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।
22) Don’t change so people will like you. Be
yourself and the right people will love the real you.
23) थोडे साहित्यकार वा हेर वेवसायीक मनीस, जे आपल्याक व्हडले समजतात, ते साहित्यीक क्षेत्रांत पावतकच केन्नाच धर्माक तेंको दिनात. कारण, एक म्हणजे धर्माक तेंको दिवप म्हणजे तांकां न्यूनगंडात्मक
(Inferiority Complex) दिसता. दुसरें
म्हळ्यार साहित्यीक आसून
धार्मीक भेदभावाचो आरोप येवपाचो भंय आसता. आनी तिसरें कारण म्हणजे तांचे मुखेल लक्ष्य फकत साहित्यीक
क्षेत्रूच आसता, धार्मीक वाद वा हेर
समान गजालींचेर चड लक्ष
दिलें जाल्यार तांकां साहित्यीक क्षेत्रांत सुणो लेगीत पळोवचो ना. म्हणजेच, तांचो पयलो स्वार्थ आपणें सगळ्यांमदीं श्रेष्ठ जावप, समाज गेलो तेल लायत...!!! (This is in Konkani)
24) Sometimes those who don’t socialize much aren’t
actually anti-social, they just have no tolerance for drama & fake people.
25) Never beg someone to be in your life. If you text, call, visit and still
get ignored, then walk away. It’s called ‘Self Respect’.
26) कोई भी नकारात्मक आंदोलन लंबे समय तक अपना प्रभाव नहीं रख पाता।
27) Don’t unfriend or block your enemies. Keep them in your friend list.
Let them be jealous of your success.
28) Some extra scholars, so
called educated are against political party
which is very good. What does this show? ज्ञानी होने से कुछ नहीं होता, विवेक होना चाहिए।
29) अगर किसी मनुष्य का असली स्वभाव जानना है, तो उसकी गाड़ी को ठोकर मारकर देखो!
30) कोई भी आदमी अच्छा या बुरा नहीं होता और हर एक आदमी के लिए
दूसरा आदमी अच्छा या बुरा होता है। हर व्यक्ति से दूसरे के संबंध पर वह यह निर्भर
करता है कि कौन किसके लिए कैसा है? जैसे- मैं मेरे दोस्तों के लिए अच्छा कहलाऊँगा,
वहीं मेरे दुश्मनों के लिए मैं बुरा हूँ।
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